Sunday, March 3, 2019

अब माँ बुलाएगी तो भागुंगी नहीं.. माँ कि गोद में सर रखकर थोड़ा रुक जाऊंगी,
पापा कि ओर भी प्यार से देख थोड़ा थम जाएंगी।

किसी के कंधे पर सर रखकर रोने से पहले थोड़ा रुक जाऊंगी,
अब तो खिलखिला कर हंसने से पहले भी थोड़ा थम जाएंगी।

आज के बाद हर खुशी को कुछ देर रुककर जी जाऊंगी,
क्योंकि शायद कुछ दिन बाद यह सांसे रुक जाएगी और मैं थम जाऊंगी।

No comments:

Post a Comment