मुझे कुछ कहना है...
खयालों को ज़ुबा से जोड़ कर
मुझे कुछ कहना है...
शब्द बटोर नहीं पाती हू पर
मेरी नजरों ने कहा है,
पर, पर फिर भी आज मुझे नजरों को ज़ुबा से जोड़ कर
कुछ कहना है...
मेरी उजड़ी सी नींदों के अनूठे से ख्वाबों ने
मेरे सपनो से कुछ कहा है,
तुम सुनोगे तो कहना
क्योंकि मुझे कुछ कहना है...