Tuesday, February 26, 2019

क्या रास्ता इतना धुंधला था,
कि उस पर चलना मुश्किल था।

या डर का साया इतना काला था,
कि आगे बढ़ना मुश्किल था।

Saturday, February 23, 2019

आज पहली बार चांद को घटते देखा है,
दिनों को क्षणों में गुजरते देखा है।

मन की असमंजस में खो कर,
दिन ब दिन खुद को नष्ट होते देखा है।

Monday, February 4, 2019

सर्वश्रेष्ठता के गुरुर में आज तो जी लोगे,
भविष्य में, अज्ञानता के आभास का कड़वा घुट क्या पी लोगे ?