इस समंदर ने सुनी है कहानियां कई, कुछ बीती कुछ नई।
#मरीन ड्राइव
टूट तो इन्सान तब जाता है, जब जो नहीं बनना था वहीं बन जाता हैं।
खुली आंखों से नज़र आने वाला ख्वाब, कभी ना मिलने वाले उन सवालों का जवाब, अमावस्या की रात निकले चांद की रौशनी, और उसे खोने की मायुसी।